पीएफआई ने उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसा फैलाने के लिए 120 करोड़ रुपये देने के आरोपों से इनकार किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नागरिकता कानून के विरोध में यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शनों के पीछे पीएफआई का हाथ है। ऐसी जानकारी गृह मंत्रालय को मिली है। पीएफआई ने 73 बैंक खातों में करीब 120 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।
इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए पीएफआई के महासचिव मोहम्मद अली जिन्ना ने सोमवार को कहा कि हम इस तरह की खबरों की कड़ी निंदा करते हैं।
एजेंसियां अपना काम कर रहीं : प्रसाद
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे इस बारे में टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर किसी खास दिन कोई संदिग्ध लेनदेन हुआ है तो यह संदेह पैदा होता है कि वो विरोध अपने आप नहीं हुआ था।